Categories: पंजाब

जिले की 31 में से 28 मौतें शहरी इलाके में दम तोड़ने वाले 23 मरीजों की उम्र 60 साल से ज्यादा

  • भास्कर एनालिसिस: सूबे के सबसे ज्यादा मरीज और डेथ-केस वाले अमृतसर में कोरोना संक्रमण की चाल बताती रिपोर्ट
  • अप्रैल-मई में 392 केस, जून के 20 दिनाें में ही 360 केस, 24 मौतें

दैनिक भास्कर

Jun 21, 2020, 07:03 AM IST

अमृतसर. पंजाब में कोरोना का सबसे ज्यादा कहर अमृतसर में देखने को मिल रहा है। 20 जून की शाम तक जिले में कोरोना के कुल मरीजों का आंकड़ा 752 तक पहुंच गया जबकि 31 लोगों ने जान गंवा दी। 222 मरीज अस्पतालों में भर्ती है जबकि 499 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। अप्रैल और मई तक अमृतसर जिले में कोरोना का संक्रमण कुछ हद तक काबू में नजर आ रहा था, मगर जून में यह बेकाबू होता दिख रहा है।

मार्च से लेकर मई महीने के अंत तक जिले में कोरोना के कुल 392 केस आए थे और 7 लोगों की जान गई थी लेकिन कर्फ्यू हटने और लॉकडाउन में छूट मिलते ही जून महीने में संक्रमण इतनी तेजी से बढ़ा कि 20 दिनों में ही कोरोना के 360 नए मरीज आ गए और 24 लोगों ने दम तोड़ दिया।
अमृतसर में कोरोना के बढ़ते केसों और जान गंवाने वाले लोगों के हेल्थ डाटा की स्टडी की जाए तो यहां संक्रमण बढ़ने से जुड़े कई तरह के ट्रेंड सामने आते हैं। जैसे ग्रामीण एरिया के मुकाबले शहर में महामारी ज्यादा जानलेवा साबित हो रही है। 20 जून तक जिले में कोरोना से जान गंवाने वाले 31 लोगों में से 28 शहरी इलाके से थे। इनमें भी 19 मरीज वाॅल्ड सिटी के भीड़भाड़ वाले एरिया से थे।

मरने वाले 31 लोगों में से 23 की उम्र 60 साल या इससे अधिक थी। डॉक्टरों के अनुसार, शहर के अंदरूनी इलाके में ज्यादा संक्रमण की कई वजहें हैं। इसी तरह सीनियर सिटीजन, खासकर शुगर के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। पढ़िए अमृतसर जिले में अब तक आए कोरोना केसों की तुलनात्मक रिपोर्ट।

  • 8 अहम बातें, 14 लोगों को पहले से थी गंभीर बीमारियां, 13 ने अस्पताल पहुंचने के 24 घंटे के भीतर तोड़ दिया दम

मरने वाले 19 लोग वॉल्ड सिटी केे, जहां घनी आबादी से संक्रमण ज्यादा

कोरोना महामारी से 19 जून की शाम तक अमृतसर जिले में 31 लोगों ने जान गंवाईं। इनमें से 28 मरीज अमृतसर सिटी के रहने वाले थे जबकि 3 मरीज ग्रामीण एरिया से आए थे। ग्रामीण एरिया वाले 3 मरीजों में 8 महीने का एक बच्चा भी था। अमृतसर सिटी के जिन 28 मरीजों की जान कोरोना से गई, उनमें से 19 वॉल्ड सिटी के अंदरुनी और भीड़भाड़ वाले इलाकों से आए थे।

शहर में संक्रमण ज्यादा क्यों… शहरी लोगों की ट्रैवलिंग ज्यादा। हाइजीन की समस्या। तंग गलियों में सही तरह सेनिटाइजेशन  नहीं। सोशल डिस्टेंसिंग के अभाव में कम्युनिटी स्प्रेड ज्यादा।
गांवों में बचाव इसलिए खुले वातावरण से संक्रमण का फैलाव कम। शहरियों के मुकाबले लोगों की स्ट्राॅन्ग इम्युनिटी। सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन। सीमाएं तक सील।

मरने वालों में सालभर से छोटे 2 बच्चे 6 की उम्र 22 से 51 साल के बीच

कोरोना से जिन 31 लोगों की मौत हुई, उनमें से 23 की उम्र 60 साल से ज्यादा तो 6 की उम्र 22 से 51 साल के बीच थी। जिले में सालभर से छोटे 2 बच्चों की जान भी गई। इनमें एक 2 और दूसरा 8 माह का था।

10 शुगर और 2 दिल के मरीज, 1 को क्रोनिक डिजीज तो 1 अस्थमा पेशेंट

मरने वाले 31 में से 10 शुगर के मरीज थे जबकि 2 को हॉर्ट प्रॉब्लम थी। 1 को क्रोनिक डिजीज और 1 अस्थमा का पेशेंट था। 8 को हाइपरटेंशन भी शिकायत थी।
वायरस पनपने में मददगार… शुगर हर ऑर्गन पर असर डालती है। वायरस को शरीर में पनपने में मदद करती है।

पुरुषों को ज्यादा खतरा, जान गंवाने वालों में 23 पुरुष तो 8 महिलाएं

कोरोना महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के लिए ज्यादा घातक सिद्ध हो रहा है। जिले में अब तक मरे 31 लोगों में से 23 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। जिन महिलाओं की मौत हुई, उनकी उम्र 22 से 75 साल के बीच थी।

पुरुषों का ट्रैवल और कांटेक्ट ज्यादा…पुरुषों की ट्रैवल हिस्ट्री और कान्टेक्ट महिलाओं के मुकाबले ज्यादा होते है। हालांकि खतरा दोनों को बराबर ही है इसीलिए दोनों को पूरी सावधानी रखनी चाहिए।

टीबी के 2 मरीज; दोनों की मौत पहले हुई, रिपोर्ट बाद में आई

मरने वाले 2 लोगों को टीबी की शिकायत थी। इनकी उम्र 22 और 39 साल थी। दोनों के कोरोना पॉजीटिव होने की रिपोर्ट उनकी मौत के बाद आई।
पहला अटैक फेफड़ों पर …टीबी और कोरोना दोनों ही फेफड़ों पर प्रभाव डालते हैं। यह डेडली कॉम्बिनेशन है।

मरने वालों में से 29 को जुकाम-खांसी, एक में कोई लक्षण नहींं

दम तोड़ने वाले 31 मरीजों में से सिर्फ एक ऐसा था जिसमें कोई लक्षण नहीं थे। बाकी 30 मरीज खांसी-जुकाम व सांस में दिक्कत जैसे लक्षण के बाद अस्पताल लाए गए।

सिर्फ एक की ट्रैवल हिस्ट्री, 30 में संक्रमण का सोर्स पता नहीं

कोरोना से मरने वालों में से केवल एक मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री थी। बाकी 30 लोगों में संक्रमण का सोर्स पता नहीं है। ये कम्युनिटी स्प्रैड के केस हैं।

अस्पताल में एडमिट होने के 1 दिन में ही 13 मरीजों की डेथ

13 मरीजों की मौत अस्पताल में एडमिट होने के 1 से 2 दिन के भीतर ही हो गई। 11 का इलाज 2 से 4 दिन और 7 का इलाज रिपोर्ट पॉजीटिव आने के 8 दिन बाद तक चला लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
तुरंत जांच जरूरी...मरीज सीरियस होने पर ही अस्पताल आ रहे हैं। जो पहले से बीमार हैं, उन्हें सावधान रहने की जरूरत है। तबीयत बिगड़तेे ही तुरंत जांच जरूरी है।

यूं समझिए अमृतसर में कोरोना की गंभीरता: पंजाब के 11 जिलों के बराबर केस और 15 जिलों के बराबर मौतें अकेले एक जिले में

अकेले अमृतसर जिले में 20 जून तक पंजाब के 11 जिलों में आए कुल केसों से भी ज्यादा कोरोना मरीज रिपोर्ट हो चुके हैं। फरीदकोट, रोपड़, मुक्तसर, फतेहगढ़, मोगा, बठिंडा, फिरोजपुर, फाजिल्का, कपूरथला, मानसा और बरनाला जिलों में 20 जून शाम तक कोरोना के कुल 738 केस आए थे जबकि अमृतसर में 20 जून तक 752 लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव आ चुकी थी।

इसी तरह पंजाब के 15 जिलों में कोरोना से जितनी मौतें हुई, उतने मरीज अकेले अमृतसर में दम तोड़ चुके हैं। गुरदासपुर, संगरूर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फरीदकोट, रोपड़, मुक्तसर, फतेहगढ़, मोगा, बठिंडा, फिरोजपुर, फाजिल्का, कपूरथला और मानसा जिले में 20 जून तक कोरोना से 31 मौतें हुई जबकि अकेले अमृतसर में इतने ही लोग जान गंवा चुके हैं।

Source link

admin

Recent Posts

उच्च न्यायालय ने इंटरनेट की सुस्त रफ्तार पर जम्मू कश्मीर के गृह सचिव को तलब किया

श्रीनगर, 14 जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर में इंटरनेट की गति पर पाबंदी के कारण ऑनलाइन सुनवाई में हो रही ‘परेशानी’…

2 hours ago

कोरोना का कहर: सिरसा में अब रविवार को बंद रहेगा बाजार, व्यापार मंडल ने लिया फैसला

सिरसा का बाजार सिरसा (Sirsa) व्यापार मंडल के प्रधान हीरा लाल शर्मा ने बताया कि कल सभी व्यापार मंडल के…

2 hours ago

4 महीने बाद शुक्रवार को मिलने वाले डेटा बिल पर जेपीसी; समिति को संक्षिप्त करने के लिए सरकार के अधिकारी – द इकोनॉमिक टाइम्स

NEW DELHI: द संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का अध्ययन व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 चार महीने के अंतराल के बाद…

2 hours ago

CBSE 12th Results: कांगड़ा की स्मृति हिमाचल में सेकेंड टॉपर, डॉक्टर बनना है सपना

अपने माता-पिता और स्कूल प्रबंधन के साथ स्मृति. शिवालिक स्कूल प्रबंधक एमएस राणा ने भी स्मृति को मिठाई खिलाई और…

3 hours ago

मुर्गीपालन कर घर पर ही लाखों की कमाई कर रहे हैं अल्मोड़ा के युवा, कोरोना काल में बने प्रवासियों के लिए प्रेरणा

ल्मोड़ा के कई गांवों में हज़ारों मुर्गियों की क्षमता के मुर्गीफार्म बन गए है जहां युवा मुर्गीपालन के रूप में…

3 hours ago

भोपालः बच्चियों से रेप के बाद उनकी शादी कराता था अखबार मालिक, बदले में मांगता था लड़कियां

बच्चियों से रेप का आरोपी प्यारे मियां फरार (सांकेतिक तस्वीर) नाबालिग बच्चियों से रेप (Rape) के आरोपी अखबार मालिक प्यारे…

3 hours ago

Search News

Subscribe A2znews For News, Jobs & lifestyle

Recent Posts