नैनीताल को बचाने के लिए Corona संकट में क्यों आई फिरंगियों की याद, जानें वजह


नैनीताल के लोग अंग्रेजों के द्वारा बनाये सख्त नियमों को फिर से लागू करने की मांग कर रहे हैं.

COVID-19 संकट के दौरान नैनीताल को सुरक्षित रखने के लिए अंग्रेजों के जमाने में बनाए गए बरसों पुराने नियम-कायदों को याद कर रहे लोग.

नैनीताल. कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर उत्तराखंड समेत पूरा देश जूझ रहा है. एक तरफ संक्रमण से रोज हो रही मौत तो दूसरी तरफ इसकी रोकथाम सरकार के लिए चिंता का सबब बनी हुई है. मगर एक दौर वो भी था, जब नैनीताल (Nainital) में बीमारी से बचाव के लिए कठोर नियम बनाए गए थे. ब्रिटिश काल में सब्जी व अन्य सामान शहर के बाहर ही सैनेटाइज (Sanitize) करने की व्यवस्था थी. बीमारी से बचाव के लिए फिरंगी शासकों (Britishers) ने कई नियम बना रखे थे. हालांकि सही क्रियान्वयन ना होने के चलते सबकुछ धूमिल पड़ गए.

क्या थे ‌वो नियम?

अब कोरोना संकट में उन नियम कानूनों को फिर से लागू करने की मांग उठ रही है. शहर के लोगों के स्वास्थ्य को ठीक रखने व सक्रमण ना फैले, इसके लिए अंग्रेजी शासनकाल में शहर के बाहर ही वेक्सिनेटर तैनात रहते थे. इनके द्वारा नियमित रूप से नगर में प्रवेश करने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता था. पूरी जांच पड़ताल के बाद ही शहर में प्रवेश करने दिया जाता था. इसके साथ ही शहर में फल-सब्जी को भी बिना धुले नैनीताल आने पर रोक थी. पालिका के स्वास्थ्य निरीक्षकों की चौकियां इसकी निगरानी के लिए लगाई गई थीं. जिसमें पोटेशियम परमैंगनेट के घोल में घोलकर ही सब्जी को नैनीताल लाया जाता था.

वरिष्ठ पत्रकार व शहर की जानकारी रखने वाले राजीव लोचन साह कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि यह अब संभव नहीं है. एक दौर में वाहनों को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होती थी, पर आज शहर में वाहनों का रैला लगा रहता है. ऐसे में जो भी नए बायलॉज बनें उन पर काम किया जाना चाहिए. साल 1918 में जो फ्लू पूरे विश्व में फैला और जिसमें एक करोड़ लोगों की मौत हो गई, उसका असर नैनीताल में नहीं दिखा था. क्योंकि नैनीताल इतना साफ-सुथरा शहर था, जिसमें इतनी सख्ती थी कि थूक भी नहीं सकते थे. क्योंकि यहां हेल्थ अफसर इतने सख्त होते थे कि वो सब्जी-दूध खराब होने पर उसी समय नष्ट कर देते थे. अगर नैनीताल को बचाना होगा, तो ये सारे नियम फिर से लागू करने होंगे.बीमार लोगों के लिए थी अलग व्यवस्था

दरअसल नैनीताल शहर को बचाने के लिए अग्रेजों ने सख्त नियम बनाए थे. शहर में संक्रमण ना फैले इसके लिए संक्रमित रोगों से पीड़ित लोगों के कपड़ों को धोने के लिए नगर से दूर ही घोबीघाट तैयार किए थे. इसके साथ ही नगर में बीमार के प्रवेश करने से पहले उसका पूरा ब्योरा शहर के बाहर ही रखा जाता था. 24 घंटे में उसकी जानकारी भी पालिका को अनिवार्य रूप से देनी होती थी. सिर्फ यही नहीं बल्कि यहां जानवर पालने पर रोक लगाई गई थी. घरों के बाहर कपड़े सुखाने पर भी पाबंदी थी. बाजार के लिए बने बायलॉज में खुले में सामान बेचने व दुकानों को भी दायरे में रखा गया था. साथ ही बरसाती पानी को भी नालों में डालने का प्रावधान था. शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए जुर्माने का भी प्रावधान था.

वक्त के साथ पालिका आगे तो बढ़ी, लेकिन नियम-कानून पीछे ही छोड़ आई. हालांकि नैनीताल पालिका के अध्यक्ष सचिन नेगी कहते हैं कि उन नियमों को लागू करना अब संभव नहीं है. मगर शहर को सैनेटाइज करना जारी रखेंगे. आज जो संभव है, उस पर पालिका के सफाई कर्मचारियों व अन्य लोगों के सुझावों पर अमल किया जाएगा.


First published: June 20, 2020, 5:36 PM IST





Source link

admin

Recent Posts

दो रिटायर्ड फौजियों ने दिया था लूट की वारदात को अंजाम, गिरोह के सरगना ने पहन रखी थी पुलिस की वर्दी

बीती 29 जून की रात 10 बजे गांव झंडेचक्क में घर में घुसकर दो तोले सोने की चेन, 58,500 रुपए…

2 hours ago

कोरोना लॉकडाउन में काम नहीं मिलने से परेशान होकर संगठित मजदूर ने लगाया फंदा, मौत

लुधियाना के नानक नगर में रहने वाला ललित कुमार कपड़ों को प्रेस करता था, दो शादियां की थी मृतक ने;…

2 hours ago

Maharashtra Corona Update: औरंगाबाद में शाम 7 से सुबह 5 बजे तक लगाया कर्फ्यू

महाराष्ट्र (Coronavirus in Maharashtra) के औरंगाबाद शहर की पुलिस ने Covid-19 वैश्विक महामारी के चलते लोगों की अनावश्यक आवाजाही पर…

3 hours ago

‘टाइगर जिंदा है’ के जवाब में दिग्विजय ने कहा- मैं और माधवराव सिंधिया मिलकर शेर का शिकार करते थे

दिग्विजय सिंह (PTI) भोपाल (Bhopal) में मंत्रियों के शपथ के बाद सिंधिया ने कमलनाथ (Kamalnath) और दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh)…

4 hours ago

कभी बाल मजदूर रहे नीरज मुर्मू को ब्रिटेन ने डायना अवार्ड से नवाजा, सीएम हेमंत ने दी बधाई

झारखंड (Jharkhand) में गिरिडीह जिले (Giridih district) के तिसरी थाना क्षेत्र के एक छोटे गांव से दुलियाकर्म (Duliakram) के नीरज…

4 hours ago

Alert: कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच पैरवी कर रहे जयपुर के 14 हजार वकील, पढ़ें क्या हैं हालात

भयावह तस्वीर- सेशन कोर्ट की लिफ्ट में लगी वकीलों की भीड़. हाई कोर्ट को छोड़कर प्रदेश की अन्य अधीनस्थ अदालतों…

4 hours ago

Search News

Subscribe A2znews For News, Jobs & lifestyle

Recent Posts