पलायन रोको समूह की महिलाएं करेंगी अब बिजली उत्पादन, बल्टा गांव से हुई शुरुआत


अल्मोड़ा जिले के बल्टा गांव में “पलायन रोको” समूह ने 25 किलोवाट बिजली उत्पादक क्षमता का संयत्र लगाया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अल्मोड़ा जिले में 7 स्थानों पर इस तरह के संयत्र लगाये जा रहे हैं. जिससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा और पहाड़ के गांवों से पलायन (migration) भी कम होगा.

अल्मोड़ा. कुमाऊं के जंगलों में हर साल लगने वाली आग लाखों पेड़-पौधे को जलाकर करोड़ों का नुकसान कराती है लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से बिजली विभाग ने अब इस समस्या का एक इलाज ढूंढ निकाला है. अल्मोड़ा जिले (Almora District) के बल्टा गांव में “पलायन रोको” समूह ने 25 किलोवाट बिजली उत्पादक क्षमता का संयत्र लगाया है जिससे जंगलों में आग की घटनाएं रोकी जा सकेंगी और स्थानीय लोगों को गांव में ही रोजगार मिलेगा क्योंकि बिजली विभाग (electricity Department) महिलाओं से इस उत्पादित बिजली को 7 रुपये 54 पैसे के हिसाब की दर से खरीदेगा.

महिलाऐं करेंगी 1 घंटे में 25 यूनिट बिजली जनरेट
विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता डीडी पांगती का कहना है कि अल्मोड़ा जिले में स्व-रोजगार (self employment) के लिए 7 लोगों के साथ बिजली विभाग ने अनुबंध किया है. जिसके तहत पिरुल से बिजली उत्पादन कर विद्युत विभाग के ग्रिड से जोड़ा जायेगा. बल्टा गांव की महिलाओं ने पिरुल से बिजली उत्पादन करने की पूरी तैयारी कर ली है और ट्रांसफार्मर से प्रोजेक्ट को जोड़ दिया है. स्थानीय निवासी दीपक मेहता ने बताया कि गांव में “पलायन रोको समूह” का गठन किया गया और इसके बाद जीबी पंत की मदद से पिरुल से बिजली बनाने का प्रशिक्षण महिलाओं ने लिया. यह संयत्र एक घंटे में 25 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है. महिला समूह की गीता बिष्ट का कहना है कि उन्होंने अब अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है और जल्द ही इस संयंत्र से विद्युत उत्पादन शुरु किया जा सकेगा. जिन महिलाओं ने अपने घरों में जानवर नहीं पाल रखे हैं वे सुबह से ही यहां काम कर सकती हैं जबकि अन्य महिलायें अपने घरों का काम निपटाने के बाद काम पर आएगीं.

ये भी पढ़ें- Kanpur Encounter case: IG ने विकास दुबे का सुराग देने वाले को 50 हजार के ईनाम का किया ऐलानपूर्व ग्राम प्रधान अर्जुन मेहता का कहना है कि गांव के बीच में ही उन्होंने जमीन भी दे दी है और उन्होंने महिलाओं का पलायन रोको समूह बनाने में भी मदद की है. बड़ी खुशी है कि अब काम शुरु होने वाला है. आत्म निर्भर योजना के तहत अब गांवों में ही रोजगार की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. अल्मोड़ा जिले में 7 स्थानों पर इस तरह के संयत्र लगाये जा रहे हैं. जिससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा और पहाड़ के गांवों से पलायन भी कम होगा.

First published: July 4, 2020, 12:39 AM IST





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