Rajasthan: फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी, 15 जुलाई अंतिम तिथि, इस बार किया गया है यह बड़ा बदलाव


पहले जहां फसल ऋण लेने वाले किसानों के लिए फसल बीमा करवाना जरूरी होता था वहीं अब इसे ऐच्छिक कर दिया गया है.

कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Prime Minister Crop Insurance Scheme) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी (Notification issued) कर दी है.

जयपुर. कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Prime Minister Crop Insurance Scheme) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी (Notification issued) कर दी है. खरीफ-2020 और रबी 2020-21 सीजन के लिए मंगलवार को यह अधिसूचना जारी की गई है. अधिसूचना के मुताबिक खरीफ-2020 के लिए फसल बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जुलाई रखी गई है. जो किसान फसली ऋण (Crop loan) लेते हैं उनका बैंक अपने स्तर पर बीमा प्रीमियम काटकर बीमा कर लेंगे.

ये दस्तावेज होंगे जरुरी
कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने बताया कि बैंक से ऋण नहीं लेने वाले गैर ऋणी किसान भी 15 जुलाई तक वाणिज्य बैंक, सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर, बीमा कम्पनी के अधिकृत एजेंट के जरिये या राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर खरीफ फसलों के लिए बीमा करवा सकते हैं. फसल बीमा करवाने के लिए आधार कार्ड और बैंक पास बुक की फ़ोटो कॉपी के साथ ही जमीन की नवीनतम जमाबंदी जरूरी है.

Weather Updates: उदयपुर में मानसून की पहली बारिश, रातभर जमकर बरसे बादल, खिल उठा तन-मनइस बार स्वैच्छिक है बीमा

पहले जहां फसल ऋण लेने वाले किसानों के लिए फसल बीमा करवाना जरूरी होता था वहीं अब किसानों के लिए इसे ऐच्छिक किया गया है. कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया के मुताबिक किसान चाहे तो अपने को फसल बीमा से अलग रख सकता है. लेकिन इसके लिए किसानों को संबंधित बैंक में 8 जुलाई तक लिखित घोषणा-पत्र देना होगा. बैंक में उपलब्ध फॉर्म में किसान को यह सूचना देनी होगी कि वह फसल बीमा करवाने का इच्छुक नहीं है. ऐसा नहीं करने पर बैंक पहले की तरह बीमा प्रीमियम राशि काटकर किसान का नाम फसल बीमा योजना में जोड़ देंगे.

Rajasthan: धार्मिक स्‍थल खोलने को लेकर गहलोत सरकार का बड़ा ऐलान, 1 जुलाई से लागू होगा नया आदेश

किसानों को केवल नाम मात्र का प्रीमियम भरना पड़ता है
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को केवल नाम मात्र का प्रीमियम भरना पड़ता है. शेष राशि केंद्र और राज्य सरकार आधी-आधी वहन करती है. खरीफ फसल के लिए किसान को बीमित राशि का 2 प्रतिशत प्रीमियम भरना पड़ता है जबकि रबी फसल के लिए उन्हें बीमित राशि का डेढ़ प्रतिशत प्रीमियम चुकाना पड़ता है. इसी तरह वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए किसान को बीमित राशि का 5 प्रतिशत प्रीमियम भरना पड़ता है.

First published: July 1, 2020, 1:36 PM IST





Source link

admin

Recent Posts

इन दालों को मिक्स करके खाने से जल्द सुधर जाएगा बिगड़ा हुआ पाचन

अगर आपको एसिडिटी (Acidity), कब्ज और गैस जैसी समस्या रहती है तो आप दालों (Pulses) को खाकर इस समस्या को…

2 hours ago

उत्तराखंड में मिला दुर्लभ सांप, मूंगे की तरह चमकता है शरीर, देखें तस्वीर

वन विभाग ने रेड कोरल कुकरी प्रजाति के दुर्लभ प्रजाति के सांप को बिंदुखत्ता के एक घर से रेस्क्यू किया.…

2 hours ago

Of अच्छे आचरण ’के लिए जेल से बाहर, दिल्ली में आदमी छुरा लड़की | दिल्ली समाचार – टाइम्स ऑफ इंडिया

NEW DELHI: कृष्ण उर्फ ​​काके, द सेंधमार पीरागढ़ी में अपने घर के अंदर एक 12 वर्षीय लड़की के साथ बेरहमी…

3 hours ago

अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए मुंबई के भाजपा विधायक देंगे एक करोड़ रुपये

Edited By Shashi Mishra | नवभारत टाइम्स | Updated: 08 Aug 2020, 08:18:00 AM IST बीजेपी विधायक आरएन सिंहमुंबई भारतीय…

6 hours ago

उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्रियों ने नहीं जमा किया बकाया, अवमानना का केस दर्ज करने की तैयारी

हाईकोर्ट की अवमानना मामले में राज्य सरकार समेत पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस (फाइल तस्वीर) पूर्व मुख्यमंत्रियों का बकाया मामला फिर…

9 hours ago

Search News

Subscribe A2znews For News, Jobs & lifestyle

Recent Posts